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Urinary Tract Infection: सेहत के लिठबहà¥à¤¤ हानिकारक हो सकता है यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨, अलरà¥à¤Ÿ रहिà¤
कई बार यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो जाता है. यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज न कराया जाठतो इससे किडनी डेमेज होने का खतरा बॠजाता है.
यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का समय पर इलाज जरूरी
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UTI Infection: बॉडी में किसी à¤à¥€ तरह का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होना किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अचà¥à¤›à¤¾ नहीं होता है. लीवर, किडनी या बॉडी के किसी à¤à¥€ पारà¥à¤Ÿ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने पर मरीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो जाती है. बॉडी से à¤à¤¸à¥‡ ही जà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† है यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨. यह इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¥à¤· और महिला दोनों में हो जाता है, लेकिन इसकी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ महिलाओं में अधिक होती है. यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से कई बार गंà¤à¥€à¤° परेशानियां हो जाती हैं. डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि लकà¥à¤·à¤£ दिख रहे हैं तो तà¥à¤°à¤‚त अलरà¥à¤Ÿ होने की जरूरत है.
महिलाओं में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अधिक होता है यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में महिलाओं की अपेकà¥à¤·à¤¾ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का खतरा कम होता है. इसके पीछे ववजह होती है कि महिलाओं में यूरेथà¥à¤°à¤¾ छोटा और रेकà¥à¤Ÿà¤® के करीब होता है. इसकी वजह से बॉडी में घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ वाला बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में आसानी से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है. पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में इंटरनल यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने के खतरे बेहद कम होते हैं.Â
इस वजह से हो जाता है यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨(UTI) यदि किसी महिला को होेता रहा है तो वह आसानी से इस बीमारी की चपेट में आ सकती है. यौन संपरà¥à¤• में आने पर सावधानी बरतनी चाहिà¤. योनि के अंदर रहने वाले जीवाणà¥à¤“ं में बदलाव होने पर इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का खतरा रहता है. देखा जाता है कि मेनोपॉज होने पर महिलाओं में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बदलाव देखने को मिलता है. पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान, उमà¥à¤° अधिक या कम होने पर और साफ सफाई न रखने पर यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है.Â
इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पहचानिà¤
अगर इंटरनल पारà¥à¤Ÿ में खà¥à¤œà¤²à¥€ अधिक हो रहा है. यूरिन करते वकà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ या जलन हो रही है. हर समय यूरिन आना महसूस होना, यूरिन में बà¥à¤²à¤¡ होना, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना जैसे लकà¥à¤·à¤£ शामिल हैं. यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ यदि काफी लंबे समय तक रहता है तो यह धीरे धीरे इंटरनली बà¥à¤¤à¤¾ जाता है और किडनी में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है.Â
इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ न हो, इसके लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें
साफ सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें. रोज नहीं नहाते हैं तो नहाने की आदत डालें. यौन संपरà¥à¤• में आने पर यूरिन के लिठजरूर जाà¤à¤‚. इंटरनल à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¸à¥‡ ही किसी पाउडर, साबà¥à¤¨ या सà¥à¤ªà¥à¤° का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें. पबà¥à¤²à¤¿à¤• टॉयलेट में जाने से बचें. परेशानी होने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚. उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दवाà¤à¤‚ लें.
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